पान मसाला एक तंबाकू रहित मिश्रण होता है, जिसमें कई सुगंधित और स्वादिष्ट सामग्री मिलाई जाती है।
भारत में पान मसाला का बाज़ार 2024 में ₹46,682 करोड़ का है
गुटखा और पान मसाले का सेवन केवल एक आदत नहीं, बल्कि धीमा ज़हर (Slow Poison) है आखिर क्यों?
तो चलिए जानते है गुटका/ पान मसाले बनते कैसे है ?
पान मसाला और गुटखा में लगभग समान सामग्री होती है, बस गुटखा में तंबाकू की मिलावट होती है।
मुख्य सामग्री:
सुपारी (Areca Nut)
कत्था (Catechu)
चूना (Slaked Lime)
सौंफ, इलायची
फ्लेवरिंग एजेंट्स
कृत्रिम मिठास देने वाले रसायन
रंग (Colors)
तंबाकू (केवल गुटखे में)
अब आइए जानते हैं कि इन उत्पादों में कौन-कौन से रसायन मिलाए जाते हैं, और उनका क्या कार्य होता है:
1. निकोटिन (Nicotine)
उपयोग: गुटखे में मौजूद तंबाकू का मुख्य सक्रिय तत्व है।
प्रभाव: यह एक शक्तिशाली न्यूरोस्टिमुलेंट है जो दिमाग में dopamine रिलीज़ करता है, जिससे लत (Addiction) लग जाती है।
स्वास्थ्य जोखिम:
दिल की धड़कन तेज करता है
ब्लड प्रेशर बढ़ाता है
लंबे समय तक सेवन से हृदय रोग और कैंसर का खतरा बढ़ता है।
2. सोडियम सैकरीन (Sodium Saccharin)
उपयोग: यह एक कृत्रिम मिठास देने वाला पदार्थ है, जो चीनी के स्थान पर डाला जाता है।
खासियत: यह लगभग 300-500 गुना अधिक मीठा होता है लेकिन इसमें कैलोरी नहीं होती।
स्वास्थ्य जोखिम:
अधिक मात्रा में सेवन से पाचन पर असर
कुछ रिसर्च में इसे ब्लैडर कैंसर से भी जोड़ा गया है।
3. मेंथॉल (Menthol)
उपयोग: ठंडक और ताजगी देने के लिए मिलाया जाता है।
प्रभाव: यह तंबाकू के तीखेपन को छिपाता है और गुटखा खाने को सुखद अनुभव बनाता है।
स्वास्थ्य जोखिम:
श्वसन तंत्र (Respiratory system) पर असर
Addiction को बढ़ावा देता है।
4. टार्ट्राज़ीन (Tartrazine – E102)
उपयोग: यह एक सिंथेटिक पीला रंग होता है जो पान मसाले में डाला जाता है।
श्रेणी: यह फूड ग्रेड डाई के अंतर्गत आता है।
स्वास्थ्य जोखिम:
एलर्जी
त्वचा पर रैश
कुछ लोगों में Attention Deficit Disorders (विशेषकर बच्चों में)
5. सनसेट येलो (Sunset Yellow – E110)
उपयोग: नारंगी रंग देने वाला रसायन
प्रभाव: यह भी टार्ट्राज़ीन की तरह ही Synthetic dye है।
स्वास्थ्य जोखिम:
सिरदर्द
पेट में जलन
बच्चों में Hyperactivity
6. प्रोपिलीन ग्लाइकोल (Propylene Glycol)
उपयोग: यह एक सॉल्वेंट और ह्यूमेक्टेंट है — यानी यह उत्पाद की नमी को बनाए रखता है।
स्वास्थ्य जोखिम:
त्वचा में जलन
अधिक सेवन से Central Nervous System प्रभावित हो सकता है।
7. नाइट्रोसामाइंस (Nitrosamines)
उपयोग: यह तंबाकू के प्रोसेसिंग के दौरान अपने आप बन जाते हैं।
प्रभाव: यह कैंसर पैदा करने वाले सबसे खतरनाक रसायनों में से एक है।
स्वास्थ्य जोखिम:
मुंह, गले, पेट और यकृत (liver) का कैंसर
DNA mutation
8. अमोनिया युक्त यौगिक (Ammonia Compounds)
उपयोग: निकोटिन की bioavailability (शरीर में अवशोषण) को बढ़ाने के लिए डाले जाते हैं।
स्वास्थ्य जोखिम:
लत की ताकत को कई गुना बढ़ा देते हैं
शरीर के pH बैलेंस को बिगाड़ते हैं
9. मैग्नीशियम कार्बोनेट (Magnesium Carbonate)
उपयोग: यह Anti-caking agent होता है, यानी सामग्री को एक-दूसरे से चिपकने से रोकता है।
स्वास्थ्य जोखिम:
अधिक मात्रा में सेवन करने पर पाचन तंत्र में दिक्कत
10. फ्लेवरिंग एजेंट्स (Flavouring Agents)
इनमें गुलाब अर्क, केसर, इलायची का एसेंस, और कृत्रिम फ्लेवर शामिल होते हैं।
इनमें से कई प्राकृतिक भी होते हैं, लेकिन अधिकतर synthetic होते हैं।
स्वास्थ्य जोखिम:
एलर्जी
सिरदर्द
लंबे समय तक सेवन से लीवर पर असर
गुटखा और पान मसाले में मौजूद इन रसायनों का सेवन धीरे-धीरे शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाता है।
सामान्य रोग:
मुँह और गले का कैंसर
दांतों की सड़न और मसूड़ों की बीमारियाँ
सांस की समस्या
हृदय रोग
Addiction (नशे की लत)
गुटखा और पान मसाले का सेवन केवल एक आदत नहीं, बल्कि धीमा ज़हर (Slow Poison) है। इन उत्पादों में मौजूद रसायन शरीर को अंदर से खोखला कर देते हैं।
अगर आप या आपके जानने वाले इसका सेवन करते हैं, तो आज ही रुकिए। सेहत से बड़ा कोई स्वाद नहीं होता।
👉 Stay informed, stay healthy.
- April 15, 2025
- Gausamvardhak
- 9:56 am
